
दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान
दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पीआर मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही है। दरअसल, दिशा सालियान मौत के मामले में आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया और सूरज पंचोली सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
समाचार एजेंसी ANI की एक्स पोस्ट के अनुसार, दिशा सालियान मर्डर केस में उनके पिता के वकील नीलेश ओझा ने बताया, “ज्वॉइंट सीपी द्वारा लिखित शिकायत स्वीकार कर ली गई है। इसमें आदित्य ठाकरे, परमबीर सिंह, सचिन वाझे और सूरज पंचोली के नाम हैं।” उन्होंने सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया, कि आदित्य ड्रग कार्टेल में शामिल हैं, जिसके सबूत एनसीबी के पास हैं।
#WATCH | Disha Salian Murder case | Mumbai: Disha Salian's father Satish Salian's advocate, Nilesh Ojha says, "We met the Joint CP, we told him that as per the Bombay High Court guidelines, a written complaint should be considered as an FIR, he has accepted it. In this complaint,… pic.twitter.com/oHhDZDlgoT
— ANI (@ANI) March 25, 2025
वकील नीलेश ओझा ने यह भी कहा, कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मामले में सबूतों से छेड़छाड़ की है और उन्होंने गैंगरेप और हत्या मामले में आदित्य ठाकरे को मुख्य आरोपी बताया है। उन्होंने कहा, कि हम सवाल पूछ रहे हैं ? ठाकरे के खिलाफ जांच किसने रोकी और क्या डील हुई थी? आज हम यहां लिखित शिकायत देने आए हैं। इसमें आदित्य ठाकरे और अन्य को आरोपी बनाया गया है।
बता दें, कि दिशा सालियान के पिता द्वारा पांच साल बाद चुप्पी तोड़ने और नए सिरे से जांच की मांग करने के बाद दिशा-सुशांत सिंह राजपूत मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। बीते सोमवार को सतीश सालियान ने मुंबई पुलिस आयुक्त के समक्ष एक लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उनकी बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के अपराध के संबंध में आदित्य ठाकरे और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई थी।
गौरतलब है, कि दिशा सालियान दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की सेलिब्रिटी पीआर मैनेजर थी। 8 जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके की 14वीं मंजिल से गिरकर दिशा की मौत हो गई थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। जबकि पिता सतीश सालियान ने आरोप लगाया, कि राजनीतिक दबाव में मामले को दबा दिया गया।