
बहराइच में मूर्ति विसर्जन के दौरान छत से चलाए पत्थर, रामगोपाल मिश्रा की मौत के बाद इलाके में तनाव, (चित्र साभार: @Live_Hindustan)
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में रविवार (13 अक्टूबर, 2024) को माँ दुर्गा के मूर्ति विसर्जन जुलूस में एक हिन्दू युवक की हत्या कर दी गई। इस जुलूस पर मुस्लिम भीड़ ने पथराव किया। पत्थरबाजी के कारण दुर्गा प्रतिमा खंडित होने पर पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया, तो इस दौरान दूसरे समुदाय के लोग रामगोपाल मिश्रा (24) को घर के अंदर घसीट ले गए और गोली मार दी। उसे बचाने पहुंचे राजन (28) भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बहराइच मामले में अब्दुल हमीद, सरफराज, फहीम, साहिर खान, ननकऊ और मारफ अली सहित 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है. जबकि चार आरोपी अज्ञात हैं। रामगोपाल की मौत की खबर फैलते ही पूरे जिले में जबरदस्त तनाव का माहौल हो गया। मामला बढ़ता देख छह थानों की पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई। वही लोग गोली चलाने वाले आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मृतक की विधवा पत्नी रोली मिश्रा की तरफ से सरकार से मांग की गई है, कि आरोपी का एनकाउंटर होना चाहिए, खून का बदला खून चाहिए. सरकार से उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है, कि रामगोपाल मिश्रा की महज 3 महीने पहले ही शादी हुई थी। रामगोपाल के पिता कैलाशनाथ 75 वर्ष के हो चुके हैं। बेटे की मौत के बाद उनकी भी तबियत काफी खराब हो गई है। परिजन और अन्य रिश्तेदार जैसे-तैसे उनको संभालने का प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल बहराइच में हिंसा शांत है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ के एडीजी के स्वयं सड़क पर उतरने के बाद भीड़ काबू में है। सड़कों पर प्रदर्शनकारी अब नजर नहीं आ रहे, हालांकि शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात है। अब तक करीब 30 दंगाई हिरासत में लिए जा चुके हैं। वहीं गांव के स्थानीय लोगो ने पुलिस पर आरोप लगाया है, कि इतने बड़ा मामला पुलिस की लापरवाही के कारण हुआ है।
रामगोपाल की हत्या के बाद आक्रोशित लोग आरोपितों का एनकाउंटर करने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की माँग कर रहे हैं। मृतक के परिजनों को भी आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की अपील की जा रही है। वहीं पुलिस प्रशासन लोगों को समझाने का प्रयास कर रहा है।