
नाबालिग आरोपित की माँ को पुलिस ने किया गिरफ्तार, (फोटो साभार : TOI)
पुणे पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में पुलिस ने अब नाबालिग आरोपित की माँ को भी गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, नाबालिग की माँ ने ही अपने ब्लड सैंपल को बेटे के ब्लड सैंपल से बदला था, ताकि शराब पीकर एक्सीडेंट को अंजाम देने वाला उसका नाबालिग बेटा कानून की गिरफ्त में आने से बच जाए। इस मामले की पोल खुलने के बाद नाबालिग की माँ फरार चल रही थी, लेकिन अब पुणे पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्लड सैंपल बदलने के मामले का पर्दाफाश होने के बाद शिवानी अग्रवाल मुंबई से फरार हो गई थी, लेकिन शुक्रवार (31 मई 2024) की रात वो पुणे वापस लौट आई। पुणे लौटने की सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में ससून अस्पताल के दो डॉक्टर और एक वार्ड बॉय को पुलिस पहले से ही गिरफ्तार कर चुकी हैं।
BIG: Shivani Agarwal, mother of the drunk teen whose speeding Porsche killed 2 on May 19, finally been arrested early this morning. (
: @punekarnews) pic.twitter.com/NXBOltors1
— Shiv Aroor (@ShivAroor) June 1, 2024
गौरतलब है, कि नाबालिग आरोपित की माँ शिवानी अग्रवाल के साथ ही इस मामले में पिता विशाल अग्रवाल को भी नामजद किया गया है। नाबालिग आरोपित का पिता डॉक्टरों से लगातार संपर्क में था और सैंपल बदलने के लिए उसी ने घूस के पैसों की पेशकश की थी। बता दें, कि पुलिस की जाँच में ये बात सामने आई है, कि शराब के नशे में धुत नाबालिग के ब्लड सैंपल को उसकी माँ के ब्लड सैंपल से ही बदला गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है, कि नाबालिग लड़के की माँ शिवानी अग्रवाल ने पुणे के ससून जनरल अस्पताल में अपना ब्लड सैंपल दे दिया था। इस सैंपल को ही उनके बेटे के सैंपल के साथ बदल दिया गया। दरअसल, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में पहले ब्लड सैंपल में अल्कोहल नहीं पाया गया था।
मामले में संदेह उत्पन्न होने पर पुलिस ने अन्य अस्पताल में सैंपल का डीएनए टेस्ट कराया। परिक्षण में खुलासा हुआ, कि ब्लड सैंपल दो अलग-अलग शख्स के थे। दूसरे टेस्ट की रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस को शक हुआ, कि ससून अस्पताल के डॉक्टरों ने आरोपित को बचाने के लिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की थी। इसी बीच नाबालिग के दोस्त ने बताया है, कि आरोपित किशोर शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी चला रहा था और हादसे के समय स्टेयरिंग उसी के हाथ में था।