
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक बैठक, (चित्र साभार: टीवी9/RSS X)
उत्तर प्रदेश स्थित मथुरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक बैठक शनिवार (26 अक्टूबर 2024) को समाप्त हो गई। इस दौरान संघ के सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग 30 घंटे तक औपचारिक मुलाकात की और कुंभ सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। उल्लेखनीय है, कि ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसए) का खुला समर्थन मिल गया है।
मथुरा में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक बैठक के दौरान आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले बयान का समर्थन करते हुए कहा, “हमें इसे आचरण में लाना चाहिए। यह हिंदू एकता और लोक कल्याण के लिए जरूरी है।” उन्होंने कहा, “कटेंगे तो बँटेंगे का अर्थ है, कि हिंदू समाज में एकता नहीं रहेगी तो, इतिहास कहता है, कि ‘हिंदू भाव को जब-जब भूले आई विपदा महान, भाई छूटे धरती खोई मिटे धर्म संस्थान।’ आजकल की भाषा में कटेंगे तो बँटेंगे हो सकता है।”
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने वार्षिक बैठक के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम जाति, भाषा और प्रांत का भेद करेंगे तो हम कटेंगे। इसलिए एकता अत्यंत आवश्यक है किसी भी राष्ट्र के लिए। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय एकता यदि मात्र उपदेश रहता तो हो जाता, लेकिन इसके लिए प्रयत्न करना पड़ता है। वर्तमान में आज लोग इसकी आवश्यकता अनुभव कर रहे हैं। हिंदू एकता लोक कल्याण के लिए है। खुद को बचाए रखने और विश्व के मंगल के लिए हम हिंदू एकता चाहते है। इसमें कोई दो राय नहीं है।”
RSS के वरिष्ठ नेता होसबोले ने कहा, कि हाल के दिनों में गणेश पूजा के दौरान हिंदू समाज पर हमले भी हुए। ऐसी परिस्थितियों में हिंदू समाज को स्वयं की रक्षा भी करनी चाहिए और समाज एवं पुरुषार्थ से संगठित होकर रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम चाहते है, कि बांग्लादेश से हिन्दू पलायन न करे, लेकिन उनकी रक्षा होनी चाहिए। उन्हें सम्मान से जीने के लिए व्यवस्था होनी चाहिए। दुनिया में कहीं भी किसी भी हिंदू को अगर कोई परेशानी होती है, तो वह सहायता के लिए भारत की तरफ ही देखता है।
गौरतलब है, कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए हिंदू समाज को जातियों में बांटने की विपक्षी दलों के षड्यंत्र के प्रति आगाह किया था। उन्होंने कहा था, कि विपक्ष चाहता है, कि मुसलमान एकजुट होकर शक्तिशाली और हिंदू जातियों में विभाजित होकर कमजोर बने रहें। योगी आदित्यनाथ ने पड़ोसी मुल्क में मुसलमानों के हाथों निर्दोष हिंदुओं के नरसंहार का उदाहरण देकर कहा था, कि बंटेंगे तो कटेंगे।