
(फोटो साभार : Dehradun Police twitter)
देहरादून पुलिस ने युवती से गैंगरेप और कत्ल के बाद तेजाब से लाश जलाने के आरोप में फरार चल रहे नौवें व आखिरी आरोपी को भी दबोच लिया है। पुलिस ने फरार आरोपी पर पचास हजार का इनाम घोषित किया हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी अब तक नेपाल में छिपकर रह रहा था। पुलिस को सूचना मिली, कि बीते बुधवार (29 मार्च 2023) को आरोपी जय करण भगत निवासी लक्ष्मीपुर थाना सहियारा जिला सीतामढ़ी बिहार अपने साथी की पैरवी करने के लिए देहरादून आ रहा था।
बीते गुरुवार (30 मार्च 2023) को एसपी सिटी सरिता डोभाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को जानकारी दी, कि 13 जुलाई 2017 को मसूरी से लगभग 2 किमी दूर स्थित चूनाखाल के वन में एक युवती का शव पेड़ पर लटका हुआ मिला था। युवती का चेहरा भी बुरी तरह झुलसा हुआ था। युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला, कि युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था और उसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।
अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही के अंतर्गत @DehradunPolice ने हत्या व गैंगरेप में वांछित 50 हजार रुपये के ईनामी अभियुक्त बिहार निवासी जयकरण भगत को देहरादून से गिरफ्तार किया है।#UttarakhandPolice#UKPFightsOnCrime pic.twitter.com/girD0fge5p
— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) March 30, 2023
पीड़ित युवती की पहचान मिटाने के लिए आरोपितों ने तेजाब से युवती का चेहरा विकृत कर शव को पेड़ पर टांग दिया था। घटनास्थल से पुलिस ने एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिला। जांच पड़ताल के बाद सामने आया, कि मोबाइल तो पीड़ित युवती का ही था, लेकिन उसका सिम कार्ड बिहार के पते पर दर्ज था।
एसपी सिटी में मीडिया को जानकारी दी, कि 12 जुलाई 2017 को मसूरी स्थित भट्टा गांव में कुछ लोग मजदूरी कर रहे थे, तभी दोपहर के वक्त युवती ने उस वक्त मजदूरी कर रहे मजदूरों से यह कहकर मोबाइल माँगा, कि उसे अपने पति से बात करनी है। इस दौरान युवती को अकेला पाकर आरोपितों ने उसके साथ गैंगरेप किया और अपने कुकर्मो को छुपाने के लिए उसकी निर्दयतापूर्वक गला घोंटकर हत्या कर दी।
आरोपितों ने मृतका की पहचान छिपाने के लिए तेजाब डालकर उसका चेहरा विकृत कर दिया और मामले को खुदखुशी रूप देने के लिए उसे दूर जंगल में ले जाकर चुन्नी से गले में फंदा डालकर शव को पेड़ से लटका दिया। इस मामले में पुलिस पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बीते 15 मार्च को एसएसआई मसूरी कोतवाली सोएब अली ने आरोपित बिट्टू साहनी को बिहार नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया था।
पुलिस को आरोपित बिट्टू साहनी की गिरफ्तारी के बाद आखिरी आरोपी जयकरण भगत के बारे में जानकारी मिली। जो नेपाल में छिपकर राजमिस्त्री का काम कर रहा है। पुलिस को अंदेशा था, कि आरोपित जयकरण अपने साथी की गिरफ्तारी के बाद घर लौट सकता है, इसलिए मसूरी कोतवाली के एसएसआई सोएब अली ने एक हफ्ते तक बिहार की सीतामढ़ी में डेरा डाला हुआ था। इस दौरान अपने साथी की पैरवी के लिए ट्रेन से देहरादून के लिए आ रहे आरोपी को पुलिस ने पीछा करते हुए देहरादून में उसे दबोच लिया।